अपना आवाम
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कोरबा (अपना आवाम न्यूज )

दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त अभियान पर केंद्र सरकार के द्वारा लागू की गई चार श्रम संहिता के खिलाफ संयुक्त यूनियनों( इंटर, एटक, सीटू, एचएमएस, नाम्स )बालको गेट पर धरना प्रदर्शन कर बालको कंपनी में कार्यरत  कर्मचारी एवं श्रमिक  हड़ताल में शामिल हुए जिसके कारण बालको कारखाना का प्रोडक्शन  प्रभावित हुआ।

      4 श्रम संहिता जो 44 श्रम कानून को रद्द कर बनाई गई है 44 श्रम कानून जो हमारे पूर्वज नेताओं ने अंग्रेजी शासन से लड़कर ,कुर्बानियां देकर बनवाया गया था 44 श्रम कानून जो पूरी तरह मजदूरों के पक्ष में था लेकिन केंद्र की वर्तमान सरकार ने 21 नवंबर 2025 को 44 श्रम कानून को चार श्रम संहिता में बादल कर कॉर्पोरेट घरानो को फायदा पहुंचाया गया इस श्रम का संहिता से ठेका प्रथा को बढ़ावा मिलेगा, फिक्स टार्म एम्पलाईमेंट  को बढ़ावा दिया गया है, 8 घंटे काम करने की बजाय 12 घंटा काम करना पड़ेगा, नियमित नौकरी की कोई गारंटी नहीं रहेगी ,कम वेतन पर काम करना पड़ेगा, सामाजिक सुरक्षा खत्म कर दिया गया है जिस कंपनी में  300 से कम कर्मचारी हैं वहां श्रम कानून लागू नहीं होगा और कारखाना बंद करने में भी किसी शासन प्रशासन की अनुमति नहीं लेना पड़ेगा, किसानों श्रमिकों को  सुविधा देने की वजह उनका पहले जो सुविधा मिल रही है खत्म करते चले जा रही है 

        


देश के सभी सरकारी संस्थाओं का निजीकरण करते जा रही है बढ़ती महंगाई पर कोई ध्यान नहीं, सरकारी स्कूल बंद कर दिया जा रहा है, बेरोजगारी बढ़ती जा रही है इन सब के खिलाफ पूरे भारतवर्ष में हड़ताल किया गया ।

        हड़ताली कर्मचारियों को एटक, इंटक, सीटू ,नाम्स एचएमएस के पदाधिकारी ने संबोधित कर कर चार श्रम कोड बिल के नुकसान के बारे में बताया 

   

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