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कोरबा ( अपना आवाम न्यूज )

एस आई आर, मनरेगा एवं धान खरीदी के मुद्दे को लेकर कांग्रेस के कोरबा जिला प्रभारी विजय केशरवानी ने टी पी नगर स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में ब्‍लॉक एवं मंडल अध्‍यक्षों सहित वरिष्‍ठ कांग्रेसजनों के साथ बैठक ली । 

बैठक को संबोधित करते हुए विजय केशरवानी ने कहा कि कोरबा जिले में लगभग पौने 3 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है, जिन्‍हें 13 फरवरी तक आवश्‍यक दस्‍तावेज जमा करना होगा । ये पौने तीन लाख वोटर्स को नाम, सरनेम जैसी छोटी - छोटी त्रुटियों के कारण नोटिस मिला है, जैसे - 2003 के मतदाता सूची में किसी का नाम सुरेश, पिता गनपत दर्ज है और अब सुरेश कुमार अग्रवाल, पिता गनपत लाल अग्रवाल हो गया है ऐसे लोगों को आवश्‍यक दस्‍तावेज फिर से जमा करना पड़ रहा है, जबकि 2003 में भी सुरेश का नाम सुरेश कुमार अग्रवाल था, लेकिन मतदाता सूची में सिर्फ सुरेश दर्ज किया गया था । श्री केशरवानी ने कहा कि जिन्‍हें नोटिस मिला है,  वे अपने मतदान केन्‍द्र के बीएलओ से मिलकर जरूरी कागजात जमा  करें । 

श्री केशरवानी ने आगे कहा कि शीघ्र ही ब्‍लॉक, मंडल एवं बूथ स्‍तर पर बैठक लेकर एसआईआर (SIR) और मनरेगा की सही जानकारी जन - जन तक पहुंचाने का कार्य करना होगा । 

बैठक में विशेष रूप से उपस्थित पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि कोरबा विधानसभा के एसआईआर प्रक्रिया में फॉर्म-7 का बड़े पैमाने पर दुरूपयोग किये जाने का मामला सामने आया है, जिसमें वोटर्स के नाम कटवाने के लिए फर्जी आपत्ति किया गया है । इस मामले को लेकर कई लोगों ने एफआईआर दर्ज करवाया है । श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि कोरबा विधानसभा के मतदाता सूची में शुद्धिकरण के नाम पर गड़बड़ी किये जाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि हम शुरूआत से ही कहते आ रहे हैं कि कोई भी पात्र वोटर्स का नाम ना कटे और कोई भी अपात्र वोटर्स का नाम ना जुड़े । 

श्री अग्रवाल ने यह भी बताया कि इस मामले को लेकर उन्‍होंने स्‍वयं भी राज्‍य निर्वाचन आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारी को निष्‍पक्ष जांच के लिए पत्र प्रेषित किया है । 

जिला कांग्रेस के ग्रामीण अध्‍यक्ष मनोज चौहान ने कहा कि केन्‍द्र की मोदी सरकार ने मनरेगाा की मूल आत्‍मा को ही खत्‍म करके श्रमिकों से काम का अधिकार छीनने का काम किया है । श्री चौहान ने आगे बताया कि मनरेगा कानून परिवर्तन मोदी सरकार का श्रमिक विरोधी कदम है । पहले मनरेगा सविंधान के आर्टिकल 21 से मिलने वाली अधिकारों पर आधारित थी लेकिन अब केन्‍द्र द्वारा कंट्रोल की जाने वाली स्‍कीम में बदल दिया गया है । 


शहर जिला अध्‍यक्ष मुकेश राठौर ने कहा कि निर्धारित लक्ष्‍य से कम धान खरीदी के लिए सरकार जिम्‍मेदार है । सरकार में आने के लिए बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में 3100 रूपया प्रति क्विंटल की दर से किसानों से उनका    दाना - दाना खरीदी किये जाने का वायदा किया था ।

श्री राठौर ने आगे कहा कि किसानों से जबरन रकबा समर्पण कराया गया । अभी भी अनेकाें किसान धान बेचने से वंचित है । 

पूर्व सभापति श्‍याम सुंदर ने अपन उद्बोधन में कहा कि मनरेगा योजना गांधी जी के ग्राम स्‍वराज के सपने का जीता जगता उदाहरण था लेकिन इस सरकार ने महात्‍मा गांधी का नाम हटाते हुए करोड़ो मजदूरों के अधिकारों का हनन किया है । पूर्व विधायक पुरूषोत्‍तम कंवर ने कहा कि अब तक मनरेगा काम देने का कानून था लेकिन अब सरकार की मर्जी पर निर्भर रहेगा पिछले दो दशक से मनरेगा ग्रामीण परिवारों के लिए लाईफलाईन रहा है ।

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