अपना आवाम
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नगर निगम कोरबा द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत लगभग 915 करोड़ रुपये के बजट पर पूर्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल की कड़ी प्रतिक्रिया

 नगर निगम कोरबा द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत लगभग 915 करोड़ रुपये के बजट पर पूर्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल की कड़ी प्रतिक्रिया




कोरबा (अपना आवाम न्यूज)

 नगर निगम कोरबा द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट पूरी तरह से निराशाजनक, जनविरोधी और केवल पुराने वादों की कॉपी-पेस्ट का दस्तावेज है। यह बजट न तो शहर के वास्तविक विकास की दिशा दिखाता है और न ही आम जनता की मूलभूत समस्याओं के समाधान का कोई ठोस खाका प्रस्तुत करता है।

पूर्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि पिछले बजट में किए गए अधिकांश वादे आज तक धरातल पर नहीं उतर पाए हैं। गरीब एवं वंचित वर्ग के लिए वार्ड स्तर पर अंतिम संस्कार हेतु लकड़ी उपलब्ध कराने की घोषणा केवल कागजों तक सीमित रह गई। छात्राओं के लिए मुफ्त बस सेवा का वादा भी पूरी तरह से अधूरा है।

उन्होंने आगे कहा कि शहर के 67 वार्डों में पेयजल आपूर्ति और स्ट्रीट लाइट की बदहाल स्थिति से आम जनता का जीवन प्रभावित हो रहा है, लेकिन इस गंभीर समस्या पर बजट में कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। इसके बजाय निगम प्रशासन उन योजनाओं का श्रेय लेने की कोशिश कर रहा है, जो नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में ही नहीं आती हैं, जैसे किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी, महतारी वंदन योजना के तहत 1000 रुपये मासिक सहायता, और वरिष्ठ नागरिकों के लिए रामलला दर्शन। यह जनता को गुमराह करने का स्पष्ट प्रयास है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि नगर निगम को शहर के विकास जैसे उद्यान, गार्डन, सामुदायिक भवन, और स्थानीय व्यापारिक सुविधाओं के विस्तार पर ध्यान देना चाहिए था, लेकिन इन विषयों की पूरी तरह से अनदेखी की गई है। पूर्व में कांग्रेस शासनकाल में विकसित परिसंपत्तियों को अब निजी एजेंसियों को लीज पर देकर उनका व्यावसायीकरण किया जा रहा है, जिससे जनता को लाभ नहीं बल्कि निजी कंपनियों को फायदा पहुंच रहा है।

उन्होंने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सभी कार्य आउटसोर्स एजेंसियों को ही सौंपे जा रहे हैं, तो निगम के पास उपलब्ध संसाधनों और कर्मचारियों का औचित्य क्या है? बुधवारी बाजार को भी निजी हाथों में देने का प्रयास किया गया, जिससे छोटे सब्जी विक्रेताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता। कांग्रेस के विरोध के बाद इस प्रस्ताव को वापस लेना पड़ा, जो यह दर्शाता है कि निगम की नीतियां जनविरोधी हैं।

अंत में श्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि यह बजट केवल दिखावे और आत्मप्रशंसा का दस्तावेज है, जिसमें जनता के हितों की पूरी तरह से अनदेखी की गई है। कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी नीतियों का पुरजोर विरोध करेगी और जनता की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी।

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