अपना आवाम
अपना आवाम

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष !

 अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष !



(अपना आवाम न्यूज)

*एक संघर्षशील नारी , जिसे कुचलने या फिर दबाने की कोशिश हुई , वहीं ज्वाला बनकर समाज की तस्वीर बदलने की सामर्थ रखती हैं - इंजीनियर श्रीमति मंजूषा पाटले* 


नारी को अक्सर समाज में कमजोर समझकर दबाने और कुचलने की कोशिश की जाती रही हैं । उसे घर की चारदीवारी तक सीमित रखने, उसके सपनों को छोटा करने और उसकी आवाज़ को अनसुना करने की परंपरा भी लंबे समय तक समाज में देखने को मिली , लेकिन इतिहास और वर्तमान दोनों यह साबित करते हैं कि जब यही नारी अपने भीतर की शक्ति को पहचान लेती हैं , तो वह एक चिंगारी बनकर अन्याय के खिलाफ खड़ी होती है और समाज की दिशा व दशा बदलने की ताकत रखती हैं ।एक संघर्षशील नारी का जीवन आसान नहीं होता । बचपन से ही उसे जिम्मेदारियों का बोझ उठाना पड़ता हैं । कई बार उसे अपने सपनों और इच्छाओं को भी त्यागना पड़ता हैं । आर्थिक कठिनाइयां, सामाजिक बंधन और कई तरह की चुनौतियाँ उसके रास्ते में आती हैं , लेकिन सच्ची नारी इन्हीं संघर्षों से अपनी ताकत बनाती हैं ।

जब एक महिला अपने आत्मसम्मान और अधिकारों के लिए खड़ी होती है, तो वह केवल अपने लिए नहीं लड़ती, बल्कि समाज की उन तमाम महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन जाती है जो किसी न किसी कारण से अपनी आवाज़ नहीं उठा पाती । उसका साहस और संघर्ष यह संदेश देता हैं कि नारी कमजोर नहीं, बल्कि समाज की सबसे बड़ी शक्ति हैं ।

आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं । शिक्षा, प्रशासन, राजनीति, खेल, विज्ञान और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में महिलाएं लगातार आगे बढ़ रही हैं और यह साबित कर रही हैं कि अवसर मिलने पर वे किसी भी जिम्मेदारी को बखूबी निभा सकती हैं।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल महिलाओं का सम्मान करने का दिन नहीं, बल्कि उनके संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास को सलाम करने का अवसर हैं । यह दिन हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि समाज तभी आगे बढ़ेगा, जब महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा मिलेगी । जब नारी को रोका जाता हैं तो वह संघर्ष करती हैं , और जब वही संघर्ष चिंगारी बन जाता है तो वह पूरे समाज को बदलने की ताकत रखता हैं । इसलिए नारी को दबाने के बजाय उसे सशक्त बनाना ही एक बेहतर और प्रगतिशील समाज की पहचान है ।

नारी केवल सहन करने वाली नहीं, बल्कि परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति हैं ।


आलेख - इंजीनियर श्रीमति मंजूषा पाटले सदस्य (अनुसूचित जाति )

भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान ,चांपा 

पूर्व में दुर्गावाहिनी प्रांत सह संयोजिका ( विश्व हिंदू परिषद )

भाजपा महिला मोर्चा जिला जांजगीर-चांपा की सक्रिय महिला नेत्री 

शिक्षा - बीई  सिविल इंजीनियरिंग BE civil,pgdca, Bj, LLB


प्रस्तुति - शशिभूषण सोनी

और नया पुराने