’पगडंडी से विकास की राह-कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने सुनी गांव की आवाज’
’दूरस्थ अंचल में पहुंचकर जानी समस्याएं, ‘साधुगड़ा’ के शीतल तुर्रा जल से लिया प्रकृति का स्पर्श’
’ग्रामीणों से कलेक्टर ने कहा खुलकर बताइए, समस्या का होगा यथासम्भव समाधान'
कोरिया
जिले की कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने एक बार फिर यह साबित किया कि प्रशासन जब जमीनी स्तर पर पहुंचता है, तो समाधान की राह आसान हो जाती है। दूरस्थ गांवों के लगातार दौरे के क्रम में वे विगत दिनों सोनहत विकासखंड के ग्राम आनन्दपुर पहुंचीं और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं।
कलेक्टर ने स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने राशन, पढ़ाई की स्तर, आंगनवाड़ी में बच्चों की उपस्थिति, गर्भवती महिलाओं को कोरिया मोदक लड्डू वितरण के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ग्रामीणों को प्रोत्साहित करते हुए कहा, 'खुलकर बताइए, हर समस्या का यथासम्भव समाधान होगा।' उनके इस आश्वासन से ग्रामीणों ने बिना झिझक अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें नेटवर्क की कमी, पेयजल संकट, सोलर पंप की आवश्यकता और सीसी रोड निर्माण प्रमुख रहे।
कलेक्टर ने तत्काल जनपद पंचायत सीईओ को प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए और ग्रामीणों को बताया कि जल्द ही बीएसएनएल नेटवर्क की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे संचार की समस्या दूर होगी।
दौरे के दौरान कलेक्टर हसदेव नदी के चिन्हांकित उद्गम स्थल ग्राम मेन्ड्राकला भी पहुंचीं। इसके बाद वे जिले के दूरस्थ ग्राम आनन्दपुर से करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर ‘साधुगड़ा’ नामक स्थल पर पहुंचीं, जहां पहाड़ से बहते शीतल ‘तुर्रा पानी’ को देखा और अपने हाथों से जल ग्रहण किया।
कलेक्टर ने स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने राशन, पढ़ाई की स्तर, आंगनवाड़ी में बच्चों की उपस्थिति, गर्भवती महिलाओं को कोरिया मोदक लड्डू वितरण के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ग्रामीणों को प्रोत्साहित करते हुए कहा, 'खुलकर बताइए, हर समस्या का यथासम्भव समाधान होगा।' उनके इस आश्वासन से ग्रामीणों ने बिना झिझक अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें नेटवर्क की कमी, पेयजल संकट, सोलर पंप की आवश्यकता और सीसी रोड निर्माण प्रमुख रहे।
कलेक्टर ने तत्काल जनपद पंचायत सीईओ को प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए और ग्रामीणों को बताया कि जल्द ही बीएसएनएल नेटवर्क की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे संचार की समस्या दूर होगी।
दौरे के दौरान कलेक्टर हसदेव नदी के चिन्हांकित उद्गम स्थल ग्राम मेन्ड्राकला भी पहुंचीं। इसके बाद वे जिले के दूरस्थ ग्राम आनन्दपुर से करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर ‘साधुगड़ा’ नामक स्थल पर पहुंचीं, जहां पहाड़ से बहते शीतल ‘तुर्रा पानी’ को देखा और अपने हाथों से जल ग्रहण किया।
प्रकृति की इस अनुपम धरोहर से प्रभावित होकर उन्होंने कहा कि प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है, जरूरत है तो बस उसे सहेजने और संरक्षित रखने की। ग्रामीणों ने बताया कि यह जलधारा गर्मी के मौसम में भी निरंतर बहती रहती है और स्थानीय लोगों के लिए जीवनदायिनी बनी हुई है।
कलेक्टर ने जल संरक्षण की दिशा में जनभागीदारी के तहत बनाए जा रहे 5 प्रतिशत मॉडल को देखने खेतों में पहुंची। उन्होंने ग्रामीणों से कहा यह 5 प्रतिशत मॉडल निश्चित ही भूजल स्तर को बढ़ाने में मददगार साबित होगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि मोर गांव मोर पानी अभियान से हम अपने खेतों, बाड़ियों, घर के समीप सोख्ता गड्डे जरूर बनाएं ताकि घर से निकलने वाले व बारिश पानी की जमीन के भीतर जाए, जिससे वॉटर रिचार्ज हो सके।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, एसडीएम श्री अंशुल वर्मा, जनपद सीईओ सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।


