अपना आवाम
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प्रथम चरण में 7 हजार से अधिक आवेदनों पर कार्यवाही, हजारों नागरिकों को मिली राहत मैदानी क्षेत्रों के साथ सुदूर अंचलों तक पहुंचा प्रशासन, स्थानीय स्तर पर मिला समाधान मौके पर निराकरण और योजनाओं का लाभ, शिविर बने भरोसे का सशक्त माध्यम

 जनसमस्या निवारण शिविर: प्रभावी प्रशासनिक पहल से सशक्त हुआ जनविश्वास

प्रथम चरण में 7 हजार से अधिक आवेदनों पर कार्यवाही, हजारों नागरिकों को मिली राहत
मैदानी क्षेत्रों के साथ सुदूर अंचलों तक पहुंचा प्रशासन, स्थानीय स्तर पर मिला समाधान
मौके पर निराकरण और योजनाओं का लाभ, शिविर बने भरोसे का सशक्त माध्यम



रायगढ़, 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से जिले में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों ने अल्प समय में ही जनसेवा की एक प्रभावी मिसाल प्रस्तुत की है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिलेभर में संचालित इन शिविरों के प्रथम चरण में प्राप्त आवेदनों पर तेजी से कार्यवाही करते हुए हजारों नागरिकों को राहत प्रदान की गई है, जिससे आमजन में प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है। प्रथम चरण के अंतर्गत कुल 7,125 आवेदनों में से 4,000 से अधिक प्रकरणों का सफल निराकरण किया जा चुका है। यह उपलब्धि सुव्यवस्थित योजना, विभागीय समन्वय तथा सतत मॉनिटरिंग का परिणाम है, जिसने जनसेवा को परिणाममुखी स्वरूप प्रदान किया है।




     विकासखंड स्तर पर भी निराकरण की प्रक्रिया प्रभावी रही। मुकड़ेगा और कापू में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई, जहां बड़ी संख्या में आवेदनों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया गया। इसके साथ ही छाल, तमनार, खरसिया एवं पुसौर में भी सक्रिय कार्यवाही के माध्यम से नागरिकों को राहत पहुंचाई गई है, जो प्रशासनिक तत्परता को दर्शाता है। “प्रशासन पहुंचेगा जनता के द्वार” अभियान के अंतर्गत तमनार, मुकड़ेगा, छाल, पुसौर एवं कापू जैसे सुदूर वनांचल एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर प्रशासन ने अपनी पहुंच सीधे नागरिकों तक सुनिश्चित की। इसके साथ ही मैदानी क्षेत्रों में भी एक ही मंच के माध्यम से जनसमस्याओं का निराकरण किया गया, जिससे नागरिकों को जिला मुख्यालय तक आने की आवश्यकता नहीं पड़ी और उन्हें उनके ही क्षेत्र में त्वरित सेवाएं प्राप्त हुईं।

     शिविरों के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा आवेदनों का मौके पर परीक्षण कर यथासंभव तत्काल निराकरण किया गया। साथ ही पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित किया गया, जिससे योजनाओं की जमीनी पहुंच और प्रभावशीलता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई। शिविरों में प्रधानमंत्री आवास योजना, मछली जाल वितरण, राशन कार्ड, आधार कार्ड, महतारी वंदन योजना के तहत ई-केवाईसी, आयुष्मान कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, श्रम कार्ड, स्व-सहायता समूह की महिलाओं को चेक वितरण, फलदार पौधों का वितरण सहित अनेक योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। 



साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा सैकड़ों लोगों की स्वास्थ्य जांच कर नि:शुल्क दवा वितरण भी किया गया। शिविर स्थलों पर पेयजल, छाया एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। अधिकारियों-कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता से शिविर एक सशक्त जनसेवा मंच के रूप में स्थापित हुए, जहां आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के साथ संतोषजनक वातावरण भी देखने को मिला।इन शिविरों ने प्रशासन और आमजन के बीच दूरी को कम करते हुए समाधान आधारित शासन व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की।
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