लखनऊ हादसा जवाबदेही तय हो सीपीआई कोरबा
कोरबा (अपना आवाम न्यूज)
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, जिला कोरबा ने लखनऊ के कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में दर्जनों नौजवान छात्रों की दर्दनाक मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
पार्टी मृतकों के शोक-संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करती है और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करती है।
जिला सचिव कॉमरेड पवन कुमार वर्मा ने जारी बयान में कहा कि यह हादसा किसी "दुर्घटना" का नतीजा नहीं, बल्कि सरकार और प्रशासन की आपराधिक लापरवाही का नतीजा है।
कोचिंग सेंटर में फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं थे, इमरजेंसी एग्जिट बंद थे, और सिस्टम सोया हुआ था। इसके लिए सीधे-सीधे मुख्यमंत्री और डबल इंजन सरकार जिम्मेदार हैं।
कॉमरेड वर्मा ने कहा, "उत्तर प्रदेश में आए दिन बड़े हादसे हो रहे हैं। राजधानी लखनऊ भी सुरक्षित नहीं। हादसा होते ही सरकार सहानुभूति का दिखावा शुरू कर देती है, जांच कमेटी बना देती है और फिर सब भूल जाती है। यह जनता की आंखों में धूल झोंकने की पुरानी तरकीब है।"
उन्होंने तीखा सवाल उठाया कि जिस सरकार को अयोध्या के चढ़ावे के घोटाले की फिक्र नहीं, वह जनता की जान की फिक्र क्या करेगी? कल भी मुख्यमंत्री जनता के जख्मों पर मरहम लगाने की जगह अलीगढ़ में सियासी रोटियां सेक रहे थे।
वहीं उनकी पुलिस सुबह-सुबह मस्जिदों के माइक उतारकर नफरत का माहौल बना रही थी। यानी ऊपर से नीचे तक भाजपा-आरएस की पूरी मशीनरी वोट की राजनीति और लूट में व्यस्त है।
सीपीआई की मांगें:
1. मुख्यमंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें।
2. दोषी अधिकारियों और बिल्डिंग मालिकों पर गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज हो।
3. मृतकों के परिजनों को 50 लाख और घायलों को समुचित मुआवजा व मुफ्त इलाज दिया जाए।
4. पूरे प्रदेश में कोचिंग सेंटरों की फायर ऑडिट तुरंत कराई जाए।
कॉमरेड पवन वर्मा ने जनता से अपील की कि अब चुप रहने का समय नहीं है।
रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए हमें मिलकर इस लापरवाह सत्ता से हिसाब मांगना होगा।
