अपना आवाम
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छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन द्वारा आयोजित पत्रकार और महिला सम्मान समारोह !

 छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन द्वारा आयोजित पत्रकार और महिला सम्मान समारोह !


*लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को और अधिक सुदृढ़, विश्वसनीय और जनोन्मुखी बनाएं- राज्यपाल माननीय डेका*


*छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन और सम्मान समारोह में शामिल हुए छः  के राज्यपाल*



(अपना आवाम न्यूज)

( शशिभूषण सोनी ) । छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन द्वारा आयोजित प्रादेशिक पत्रकार और महिला सम्मान समारोह में छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि लोकतंत्र में व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बाद पत्रकारिता को चतुर्थ स्तंभ माना गया हैं । उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि एक मिशन और साधना हैं । समाज का दर्पण कहलाने वाली पत्रकारिता ने सदैव जनता और सत्ता के बीच संपर्क-सेतु की भूमिका निभाई हैं और लोगों को जागरूक किया हैं । इसलिए इसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता हैं । इस आशय की जानकारी प्रिंट मीडिया के शशिभूषण सोनी को संयुक्त संचालक जनसंपर्क धनंजय सिंह राठौर ने दी,जिसे उन्होंने प्रेस को जारी किया ।


*पत्रकारों को उनकी उत्कृष्ट लेखनी के लिए सम्मानित किया गया* 



राज्यपाल डेका दिनांक 29 मार्च, 2026 को भिलाई सेक्टर -4 स्थित एस.एन.जी. ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन और सम्मान समारोह को मुख्य अतिथि की आंसदी से सम्बोधित कर रहे थे । इससे पूर्व उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया । राज्यपाल डेका ने इस अवसर पर महिला पत्रकारों को भी उनकी उत्कृष्ट लेखनी के लिए सम्मानित किया । जिनमें मुख्यतः शगुफ्ता शीरीन, अनुभूति भाखरे, कोमल धनेसर, साक्षी सोनी शामिल हैं । इसी प्रकार समाज सेवी महिलाओं साधना चतुर्वेदी, अंजना श्रीवास्तव, लता बौद्ध, दीप्ति सिंग, डॉ कुमुदिनी द्विवेदी और सुनीता जैन को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया ।


*आज पत्रकारिता एक कठिन दौर से गुजर रही हैं* 



राज्यपाल डेका जी ने उद्बोधन में कहा ' वर्तमान चुनौतियों का जिक्र करते हुए अवगत कराया कि आज पत्रकारिता एक कठिन दौर से गुजर रही हैं । सोशल मीडिया के विस्फोट ने सूचना के प्रवाह को लोकतांत्रिक तो बनाया हैं, लेकिन साथ ही विश्वास का गंभीर संकट भी खड़ा किया हैं । फेसबुक, व्हाट्सएप और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर हर व्यक्ति ‘पत्रकार‘ बन चुका हैं और सत्यापन से पहले ही समाचार वायरल हो जाते हैं । 

उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि ‘फेक न्यूज‘ और ‘डीपफेक‘ ने सच और झूठ के बीच की रेखा धुंधली कर दी हैं । इन सबके बीच आज भी प्रिंट मीडिया ने अपनी विश्वसनीयता को कायम रखा हैं । राज्यपाल  डेका ने कहा कि इन चुनौतियों का सामना करने के लिए पत्रकारिता को अपने मूल आदर्शों की ओर लौटना होगा ।


*एक स्वस्थ पत्रकारिता ही स्वस्थ लोकतंत्र की नींव* 



एक स्वस्थ पत्रकारिता ही एक स्वस्थ लोकतंत्र की नींव हैं । उन्होंने इस चौथे स्तंभ को और अधिक सुदृढ़, विश्वसनीय और जनोन्मुखी बनाने का आह्वान किया । इस अवसर पर छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष ईश्वर दुबे, सचिव सतीश बौद्ध एवं अन्य पदाधिकारी और  राजाराम त्रिपाठी, प्रोफेसर संजय त्रिवेदी, वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार गिरीश पंकज, डॉ कुलवंत सिंह सलूजा, डॉ मूलचंद गुप्ता , डॉ रविन्द्र कुमार द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के पत्रकार उपस्थित थे ।


*हर सफल व्यक्ति प्रसन्न नहीं हैं, प्रसन्नता के लिए संतुष्टि चाहिए*


छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन द्वारा आयोजित सम्मान समारोह  का जिक्र करते हुए प्रिट मीडिया तथा पोर्टल न्यूज अपना आवाम के लेखक शशिभूषण सोनी ने बताया कि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल माननीय रमेन डेका जी ने अपने ऐतिहासिक उद्बोधन में कहा हैं कि हर सफल व्यक्ति प्रसन्न नहीं हैं, प्रसन्नता के लिए संतुष्टि चाहिए । उन्होंने खचाखच भरे हुए सभागार में पत्रकारों से कहा कि दुनिया में अच्छी बातें भी बहुत होती हैं, उनके विषय में भी अधिक से अधिक बताया जाना चाहिए। व्यवस्था के खिलाफ और बुरी बातों को तो बताना बहुत जरूरी हैं ,  लेकिन जो लोग अच्छा कार्य कर रहे हैं, जो अच्छे-अच्छे काम हो रहे हैं, नवाचारों के प्रयास हो रहे हैं , समाज के विकास के लिए भी लगातार प्रयत्नों के विषय में भी अवश्य एवं पहली पंक्ति में बताई जानी चाहिए ।


*समारोह के दौरान महत्वपूर्ण बातें*


अच्छी बातों को भी बताना चाहिए ।


संतुष्टि से ही प्रसन्नता मिलती हैं ।


समाज के विकास के लिए नवाचारों के प्रयास को बढ़ावा देना होगा ।

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