138 वीं जन्म महा-महोत्सव तथा नवनिर्मित सत्संग भवन उद्घाटित
(अपना आवाम न्यूज)
*समाज और देश के प्रति ठाकुर अनुकूल चंद्र के योगदान को स्मरण किया गया , जिससे अमृत आशीष से संजीवित हो उठे।*
परम प्रेममय श्री-श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र जी के नवनिर्मित सत्संग विहार, सीतामणी, कोरबा का उद्घाटन समारोह एवं 138 वीं जन्म महोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया । एक दिवसीय अनुष्ठान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उनके अनुयायियों के साथ दूरदराज से भक्त वृंद शामिल हुए। 29 मार्च रविवार को प्रातःकाल 7:00 बजें साधकों द्वारा मधुर संगीत के साथ संगीतावली के बाद तीन मंजिला सत्संग भवन विहार कोरबा का उद्घाटन समारोह में आगंतुक अतिथि शामिल हुए । जगह की कमी को दृष्टिगत रखते हुए उद्बोधन और अतिथियों के स्वागत-सत्कार कार्यक्रम सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,कोरबा के प्रांगण में भजन-कीर्तन के साथ हुआ । दोपहर 12:30 बजें से भंण्डारा प्रसाद और अपराह्न 2:30 बजें से साधारण सभा की विशेष बैठक में अतिथियों के द्वारा प्रवचन और मार्गदर्शन दिया गया। सायंकाल 6:05 बजें सामूहिक प्रार्थना तत्पश्चात कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा के बाद सभी अपने गंतव्य स्थान की ओर प्रस्थान किए ।
138 वीं जन्म महा-महोत्सव तथा नवनिर्मित सत्संग भवन उद्घाटित।
*समाज और देश के प्रति ठाकुर अनुकूल चंद्र के योगदान को स्मरण किया गया , जिससे अमृत आशीष से संजीवित हो उठे।*
परम प्रेममय श्री-श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र जी के नवनिर्मित सत्संग विहार, सीतामणी, कोरबा का उद्घाटन समारोह एवं 138 वीं जन्म महोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया । एक दिवसीय अनुष्ठान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उनके अनुयायियों के साथ दूरदराज से भक्त वृंद शामिल हुए।
29 मार्च रविवार को प्रातःकाल 7:00 बजें साधकों द्वारा मधुर संगीत के साथ संगीतावली के बाद तीन मंजिला सत्संग भवन विहार कोरबा का उद्घाटन समारोह में आगंतुक अतिथि शामिल हुए । जगह की कमी को दृष्टिगत रखते हुए उद्बोधन और अतिथियों के स्वागत-सत्कार कार्यक्रम सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,कोरबा के प्रांगण में भजन-कीर्तन के साथ हुआ ।
दोपहर 12:30 बजें से भंण्डारा प्रसाद और अपराह्न 2:30 बजें से साधारण सभा की विशेष बैठक में अतिथियों के द्वारा प्रवचन और मार्गदर्शन दिया गया। सायंकाल 6:05 बजें सामूहिक प्रार्थना तत्पश्चात कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा के बाद सभी अपने गंतव्य स्थान की ओर प्रस्थान किए ।
*ठाकुर अनुकूल चंद्र की अमिय वाणी आज भी दैदीप्यमान और ज्योति पुंज हैं।*
इस अवसर पर प्रिंट मीडिया तथा अपना आवाम न्यूज के संपादक कमल दीवान,लेखक शशिभूषण सोनी भी आमंत्रण पर शामिल हुए और उन्होंने श्रद्धालु भक्तों को संबोधित किया । उन्होंने बताया कि सत्संग के परम पूज्य पाद श्रीश्री आचार्य देव के आशिर्वाद और पूज्यनीय अनिव दा के प्रेरणा से नवनिर्मित सत्संग विहार ,सीतामणी कोरबा का शुभ उद्घाटन किया गया ।
इस अवसर पर तत परमप्रिय श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र जी के 138 वीं जन्म महामहोत्सव स्थान सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में 29 मार्च, 2026 दिन रविवार को विविध मांगलिक अनुष्ठान के साथ सम्पन्न हुआ । ठाकुर अनुकूल जी के अमिय वाणी ज्योति पुंज हैं - सदगुरु के शरणापन्न हो जाओं , सतनाम मनन करो और सत्संग का आश्रय ग्रहण करो । मैं निश्चय कहता हूं , तुम्हें अपने उन्नयन के लिए अब और सोचना नहीं पड़ेगा । हिंदू धर्म, मुस्लिम धर्म, ईसाई धर्म, बौद्ध धर्म इत्यादि बातें भूल हैं बल्कि वे सभी एक मत हैं ।
पिता में श्रद्धा , मां में टान वह लड़का हो साम्य प्राण । गुरु होना मत चाहो । गुरुमुख होने की चेष्टा करो, गुरुमुख ही होते हैं , जीव के प्रकृत उद्धारकर्ता । सबको बचाना अपने बचना उसको ही तू धर्म समझना । प्रेम की प्रार्थना करो और हिंसा को दूर से परिहार करो,जगत तुम्हारी ओर आकृष्ट होगा ही ।
*ठाकुर जी के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया*
इस पावन अवसर पर ठाकुर जी के समाज और देश के प्रति अनुकूल योगदान को स्मरण किया गया तथा उनके अमृत आशीष से संजीवित हो उठे , इसी आशा के साथ चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम । हम सभी पूजनीय अंबाबाई दादा जी के चरणों में भी कोटि-कोटि प्रणाम गुरु मां के चरणों में कोटि-कोटि नमन करते हैं और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेते हैं ।
इस अवसर पर प्रिंट मीडिया तथा अपना आवाम के लेखक शशिभूषण सोनी भी आमंत्रण पर शामिल हुए और उन्होंने श्रद्धालु भक्तों को संबोधित किया । उन्होंने बताया कि सत्संग के परम पूज्य पाद श्रीश्री आचार्य देव के आशिर्वाद और पूज्यनीय अनिव दा के प्रेरणा से नवनिर्मित सत्संग विहार ,सीतामणी कोरबा का शुभ उद्घाटन किया गया । इस अवसर पर तत परमप्रिय श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र जी के 138 वीं जन्म महामहोत्सव स्थान सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में 29 मार्च, 2026 दिन रविवार को विविध मांगलिक अनुष्ठान के साथ सम्पन्न हुआ ।
ठाकुर अनुकूल जी के अमिय वाणी ज्योति पुंज हैं - सदगुरु के शरणापन्न हो जाओं , सतनाम मनन करो और सत्संग का आश्रय ग्रहण करो । मैं निश्चय कहता हूं , तुम्हें अपने उन्नयन के लिए अब और सोचना नहीं पड़ेगा । हिंदू धर्म, मुस्लिम धर्म, ईसाई धर्म, बौद्ध धर्म इत्यादि बातें भूल हैं बल्कि वे सभी एक मत हैं । पिता में श्रद्धा , मां में टान वह लड़का हो साम्य प्राण । गुरु होना मत चाहो । गुरुमुख होने की चेष्टा करो, गुरुमुख ही होते हैं , जीव के प्रकृत उद्धारकर्ता । सबको बचाना अपने बचना उसको ही तू धर्म समझना । प्रेम की प्रार्थना करो और हिंसा को दूर से परिहार करो,जगत तुम्हारी ओर आकृष्ट होगा ही ।
*ठाकुर जी के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया*
इस पावन अवसर पर ठाकुर जी के समाज और देश के प्रति अनुकूल योगदान को स्मरण किया गया तथा उनके अमृत आशीष से संजीवित हो उठे , इसी आशा के साथ चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम । हम सभी पूजनीय अंबाबाई दादा जी के चरणों में भी कोटि-कोटि प्रणाम गुरु मां के चरणों में कोटि-कोटि नमन करते हैं और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेते हैं ।


