अपना आवाम
अपना आवाम

श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ चांपा में पधारे महामंडलेश्वर , दिया मोक्ष का संदेश

 जातस्य हि ध्रुवो मृत्यु ध्रुवं जन्म मृतस्य च राजेश्री डॉ महंत रामसुंदर दास जी


श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ चांपा में पधारे महामंडलेश्वर , दिया मोक्ष का संदेश 


*भागवत कथा के श्रवण से पितरों को शांति और जीव को सद्गति प्राप्त होती हैं - राजेश्री रामसुंदर दास* 



 जांजगीर-चांपा (अपना आवाम न्यूज)

 कोसा,कांसा एवं कंचन की नगरी रानी रोड चांपा स्थित मनोहर लाल सत्संग भवन में चल रहे श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान महायज्ञ में छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं श्री दूधाधारी मठ ,रायपुर के राजेश्री डॉक्टर महंत रामसुंदर दास जी महाराज विशेष रूप से आमंत्रण पर शामिल हुए।


*आत्मीय स्वागत-सत्कार*


आयोजक नंदकुमार देवांगन परिवार द्वारा सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में महाराज श्री का अत्यंत आत्मीयता और श्रद्धा से स्वागत किया गया । व्यास पीठ पर विराजित अंचल के सुप्रसिद्ध कथा वाचक पंडित दिनेश कुमार दुबे जी महाराज, पुरगांव वाले ने सबसे पहले शाल, श्रीफल व पुष्प माला भेंट कर महंत जी का अभिनंदन किया । राजेश्री डॉ महंत जी ने भी विधिवत व्यास पीठ की पूजा-अर्चना की और दुबे जी महाराज का स्वागत किया।


*आशीर्वचन के मुख्य अंश*  


कथा पंडाल और बाहर प्रांगण में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रोताओं को आशीर्वचन देते हुए राजेश्री महंत जी महाराज ने कहा कि देवांगन परिवार के द्वारा श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन अपने परिवार के दिवंगत दिव्यात्माओं के मोक्षार्थ हेतु किया गया हैं। यह चिरंतन सत्य है कि इस संसार में जन्म लेने वाले का मरना और करने वाले का पुनः जन्म लेना शाश्वत सत्य हैं ।


*श्रीमद्भागवत कथा का उद्देश्य*


देवांगन परिवार द्वारा यह ज्ञान यज्ञ अपने दिवंगत परिजनों की आत्मा की शांति व मोक्षार्थ आयोजित किया गया हैं, जो अत्यंत पुण्यदायी हैं।

  

श्रीमद्भागवत गीता का शाश्वत सत्य* 


महराज श्री ने भगवद्गीता के श्लोक जातस्य हि ध्रुवो मृत्यु ध्रुवं जन्म मृतस्य च का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संसार में जिसने जन्म लिया हैं उसकी मृत्यु और जिसकी मृत्यु हुई हैं उसका पुनर्जन्म निश्चित हैं । यह प्रकृति का अटल नियम हैं ।


 *कथा का मुख्य सन्देश*


 श्रीमद्भागवत कथा में सहभागी शशिभूषण सोनी ने बताया कि मृत्यु को प्राप्त परिजनों के लिए शोक में डूबने के बजाय उनकी मुक्ति का उपाय करना चाहिए। भागवत कथा , दान , पुण्य यही मुक्ति का मार्ग हैं ।देवांगन परिवार द्वारा किया जा रहा यह कार्य प्रशंसनीय हैं। 


*व्यास पीठ से पंडित दुबे जी के उद्गार* 


 छत्तीसगढ़ अंचल के सुप्रसिद्ध भागवताचार्य पंडित दिनेश कुमार दुबे जी महाराज ने कहा कि राजेश्री की उपाधि वंश परंपरा से केवल श्री दूधाधारी मठ के महंत जी को ही प्राप्त हैं । भारतवर्ष में वे एकमात्र ऐसे महात्मा हैं । उनका दर्शन मिलना हम सभी के लिए परम सौभाग्य की बात हैं । 


 *कथा महायज्ञ में उपस्थित गणमान्य जन*



इस अवसर पर चांपा सेवा संस्थान के अध्यक्ष मनोज मित्तल , प्रिंट मीडिया के शशिभूषण सोनी, स्वर्णकार समाज के मार्गदर्शक अनिल सोनी,व, वृंदा लाल दुबे, अजय कुमार सोनी, कृष्ण कुमार देवांगन, पुरुषोत्तम विश्वकर्मा, डॉ रमाकांत सोनी , देवांगन,शिक्षक राजेंद्र जायसवाल, डॉ शांति स्वर्णकार आयोजक नंद कुमार देवांगन, श्रीमति संतोषी देवांगन व उनका परिवार , मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे ।

और नया पुराने