आधार दांपत्य-जीवन की खुशहाली का !
35 वर्षों का मधुर दांपत्य-जीवन पूर्ण , शशिभूषण ने अर्द्धांगिनी श्रीमति शशिप्रभा को बताया जीवन का आधार।
*एक नारी ही घर-परिवार को स्नेह से सींचकर रिश्तों को जीवंत बनाती हैं -शशिभूषण सोनी, प्राध्यापक , व्यवसायी और पत्रकार*
जांजगीर-चांपा (अपना आवाम न्यूज)
शादी मनुष्य जीवन का एक खूबसूरत रिश्ता हैं और इस रिश्ते को बनाएं रखने के लिए एक-दूसरे के प्रति अथाह प्रेम , प्यार और सम्मान की भावना जरूरी हैं । आइए मिलते हैं इस सोनी दंपति से !
*35 वर्ष की शादीशुदा जिंदगी का सफर*
दांपत्य-जीवन जीवन की 35 वीं वर्षगांठ की पूर्णता पर मयूरध्वज महादानी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय,चांपा में सहायक प्राध्यापक ( वाणिज्य ) रह चुके, शशि ज्वेलर्स के संचालक तथा प्रिट मीडिया के वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार शशि भूषण सोनी ने अपनी अर्द्धांगिनी तथा चांपा रत्न से विभूषित , पूर्व पार्षद श्रीमति शशिप्रभा सोनी के प्रति भावपूर्ण उद्गार व्यक्त किए हैं । उन्होंने कहा कि हर किसी इंसान की जिंदगी में ऐसे मधुर पल आते रहते हैं जिन्हें वह ता उम्र नहीं भूलना चाहता हैं । जीवन-साथी के साथ गुजारे पल वक्त के साथ-साथ और भी मधुर और स्नेहिल होते जाते हैं ।
*संघर्ष से सफलता तक का सफर*
शशिभूषण सोनी ने बताया कि जीवन के 20 वर्ष की युवावस्था के बाद गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया । सीएम डी स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर से एम काम तथा गुरु घासीदास केंद्र विश्वविद्यालय, बिलासपुर से एम फिल ( वाणिज्य ) विषय में में डिग्री लेने के बाद शासकीय महाविद्यालय ,चांपा में लगभग 10 वर्षों तक वाणिज्य विषय में अध्यापन के बाद लोक सेवा आयोग इंदौर के साक्षात्कार में मात्र दो अंकों से चूक गए , फिर अपने पैतृक सोने-चांदी के आभूषण निर्माण और विक्रम व्यापार को आगे बढ़ाया और 20 वर्ष के अनवरत संघर्ष के बाद आशातीत सफलता मिली। एम काम, एमफिल तथा एलएलबी पार्ट वन का अनुभव होने के कारण तथा साहित्यिक अभिरुचि होने के कारण निराला साहित्य मंडल और अक्षर साहित्य परिषद ,चांपा से जुड़कर साहित्यिक अभिरुचि जागृत हुई ।
*धर्मपत्नी को बताया अपनी प्रेरणास्रोत*
उन्होंने अपना आवाम पोर्टल न्यूज -24 के प्रबंध संपादक कमल दीवान जी को बताया कि जगन्नाथ मठ बड़े मंदिर चांपा के मुख्य पुजारी पंडित लाल दास महाराज , राजेश्री डॉ रामसुंदर दास महंत जी और धर्म पत्नी के विचारों से जीवन में सद्गुणों का संचार हुआ ।
*रहते हैं एक मित्र की तरह*
पति-पत्नी के बीच अक्सर देखा जाता हैं कि सबसे अहम् का टकराव होते रहता हैं , लेकिन इसके इतर शशिभूषण और शशिप्रभा दोनों एक-दूसरे के साथ 35 वर्षों से एक मित्र की तरह श्रीकृष्ण कृपा सोनी कालोनी में रह रहे हैं ।
उन्होंने अपने निवास स्थान पर एक ऐसा माहौल बनाया हैं कि दोनों बच्चों शीला और आलोक के साथ-साथ अपने दमाद डॉ अमित स्वर्णकार प्रोफेसर और दंत चिकित्सक, बिलासपुर के साथ मित्रवत व्यवहार भी रखते हैं । नन्ही-सी जान शिवान्या स्वर्णकार सबसे प्यारी हैं ।
*विवाह के बाद जीवन में बदलाव*
कहा जाता हैं कि एक नारी ही स्नेह और प्रेम से रिश्ते-नातों को सींचकर जीवंत बनाती हैं । ठीक यही बात श्रीमति शशिप्रभा पर लागू होती हैं । विवाह से पहले और बाद की जीवन के बारे में शशिप्रभा कहती हैं कि विवाह के पहले काफी बिंदास रहती थी अक्सर पुस्तकों की दुनिया में खोई रहती थी ।
विवाह के बाद लाईफ में बदलाव आया । घर-परिवार के साथ सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहती हूं । वही शशिभूषण जी का कहना हैं कि मेरी अर्द्धांगिनी श्रीमति शशि प्रभा ने जीवन के हर मोड़ पर डटकर मुकाबला किया , ढांढस बंधाया और जीवन के हर कदम पर साथ दिया ।
पत्नी की खुली सोच व समझदारी से ही आज हम एक खुशहाल जीवन जी रहे हैं । 35 वर्षों के साथ के लिए पत्नी के सुंदर स्वास्थ्य की कामना करते हुए उन्होंने कहा कि यह संसार परमात्मा का दिया हुआ एक वरदान हैं । सुखद दांपत्य जीवन की खुशहाली का यही आधार भी हैं ।




